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Tuesday, September 29, 2015

तू मेरा इश्क़ है, मेरा मलाल है

तू मेरे जेहन का इक जिक्र  है 
इक खयाल है 
मेरे दिल में फिक्र है तेरी खातिर 
और कुछ सवाल है 

चाँद की तलाश अब भी है  
समंदर की लहरों को 
मिटती नहीं है ख्वाहिशें 
ये इश्क़ भी कमाल है 

खो गयी है चिरागों की शोहरत 
अंधेरों में, शायद उनके दिल में भी 
इश्क़ जैसा इक सवाल है 

इक कश्ती साथ लहरों के 
तुझे ढूंढने अक्सर आती है किनारों तक 
तेरी बातें अब भी मेरे दिल का सुकून है 
तेरा साथ अब भी इक सवाल है 

तुझे सपनो से ढूंढ कर लाया हूँ मै   
तू मेरा इश्क़ है, मेरा मलाल है 
तू मेरे जेहन का इक जिक्र  है 
इक खयाल है

 -रोशन कुमार "राहीं "

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Sunday, September 27, 2015

मेरे अधूरें गीत

ये दुनियाँ  भी खूबसूरत होगी कभी 
मेरी आवाज भी तेरे पास से गुजरेगी कभी 

यूं तो हर तरफ रौशनी होगी 
उम्मीद है मेरी चाहत और तेरी आहट 
साथ-साथ  गुजरेगी कभी 
मुझे यकीन है मेरे इश्क़ की बात 
तेरे जद से होके गुजरेगी कभी 

एक दिन तू मेरी आँखों में देखेगी 
और मेरा दिल आइना बन जायेगा 
कभी तुझे मुझसे मुहब्बत हो जाएगी 
और मंजिल तक रास्ता तुझसे होकर जायेगा 

सोचता हूँ  कुछ खोएगा तो कुछ मिल जायेगा 
न जाने ऐसा क्या है पास मेरे 
जिसकी जगह खुदा तुझे रख जायेगा 

चाहत में लिखे मेरे हर गीत अधूरे है 
मुझे मालूम है तुझे भी मुहब्बत होगी 
और मेरे गीतों के अधूरेपन से तू भी 
गुजरेगी कभी 

एक दिन बस गुजर जाऊंगा 
एक राही की तरह , 
इस अधूरेपन के साथ 
फिर कोई ख्वाहिश मेरी 
तेरे बारे में फिर से पूछेगी  कभी। 


 -रोशन कुमार "राहीं "




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मेरे दिल में रोशन है उम्मीद मेरी

Sometimes "a hope" is all one needs to be happy, sometimes "a hope" is all one can take away from you to destroy you.



मेरे दिल में रोशन है उम्मीद मेरी 
गुजरी थी कभी ख्वाबों के संग 
अब कुछ जल सी गयी है तकदीर मेरी 

इक अधूरा सफर है
मेरा ख़ाक हो जाने तक का 
तुझसे मिला और मुझसे 
और भी दूर हो  गयी है जिंदगी मेरी 

ख्वाबों में ही सही थाम ले हाथ मेरा 
और जिंदगी मुकम्मल कर दे 
अनजाने में बस दिल से  
उलझ गयी है तस्वीर तेरी 

यूं तो भटकता सितारा हूँ मै  
तेरा मिल के जाना भी कुछ यूं लगता है 
जैसे मुझसे मिल के
बिछड़ गयी है जिंदगी मेरी 

कई मंजिलें, कई मोड़ अाये 
और कुछ रास्तें मेरे पास से गुजरें 
तू नजर नहीं आई तो ऐसा लगा 
जैसे अंधेरों में फिर से खो गयी है 
जिंदगी मेरी 

कोई बस ले पूछ ले ये इंतज़ार कैसा है 
ऐसा लगता है जैसे कि 
शहतीरों की भीड़ में खो गयी है जिंदगी मेरी 


 -रोशन कुमार "राहीं "





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Tuesday, September 22, 2015

उसे उजालो की याद आती है

I hope you will excuse the size of poetry, i was high and had no control over ma pen, it kept moving, the actual poetry longer than this one. I just realize that a few shots of vodka and loud music which can penetrate the deepest darkness of your soul crates a nice environment to write poetry. In this poetry "ujale" means love, "The love"  one carries for someone. 


ढक्षिण  की एक दुनियाँ है 
जिसकी तन्हाई मुझे बुलाती है 
कोई पूछेगा तो बताऊँगा 
की मुझे एक रात याद आती है 
जहाँ  शाम की तन्हाई थिरकती है 
क्योंकि उसे उजालो की याद आती है 

एक सुर उसे कहीं दूर ले जाता है 
और जब भी उसे देखता हूँ मै 
तो उससे फिर से मुहब्बत हो जाती है 

यूं तो शाकी उसे ले जाती है उजालों तक 
न जाने कैसा असर है उसका मुझपर 
वो नाराज होती फिर भी 
मुहब्बत उसकी खातिर दिल में बढ़ती जाती है 

ये राही तो एक जलता परिंदा है 
जो इक दिन खाक में मिल जायेगा 
बस जब जीने की बात याद आती है 
उससे फिर से तुझसे मुहब्बत हो जाती है 

बस इक बार कहना चाहता हूँ उससे 
इश्क़ आँखों में भर कर 
दिल जलते है  तो उजाले खुद मिल जाते है 
हम वो खुदा तो नहीं जो
औरो की जिंदगियां बनाते है 
तू भी किसी की जिंदगी का उजाला है 
कोई है कहीं जिसकी जिंन्दगी
में जब भी कुछ होता है 
उसे तेरी याद आती है 
और जब भी उसे होश आता है 
उसे तुझसे मुहब्बत हो जाती है 

ना "पूछ" की राही ऐसा क्यों है 
वो जनता है की सब जलते है 
रौशनी की खातिर अंधेरों में 
"क्योंकि जब भी तेरी आवाज आती है 
उसे फिर से तुझसे मुहब्बत हो जाती है" 

तेरी जिंदगी बनने को जलती है मेरी तन्हाई 
अब न पूछना की तुझे क्यों पसंद करता हूँ 
क्योंकि जब भी तेरी बात आती है 
मुझे तुझसे मुहब्बत हो जाती है 

-

-रोशन कुमार "राहीं "

 









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Thursday, September 17, 2015

परिंदे



चल मंजिल तक साथ चलते है 
और इक घरौंदा बनाते है 
मिलतें है, सपने  बुनते है 
और कहीं खो जातें है 

हम वो परिंदे है  
जिनका आसमाँ  एक है 
चल एक शाख चुनते है 
एक घर बनाते बनाते है 

थोड़ी रौशनी है जिंदगी में   
थोड़ा अन्धेरा है 
यकीन कर मेरा, कुछ दूर 
एक मोड़ पर हमारे खातिर खड़ा 
एक नया सवेरा है 

मेरी आँखों में मुहब्बत है 
इंतजार है,  इकरार है है 
मेरे कतरे मुझसे  कहते है कि  
तेरे साथ खड़ा अतीत तेरा है 

और एक दिन इश्क़ में जलता नजर आऊँगा 
और दुनियाँ कहेगी कि  ऐ "राही"
 अब रोशन नाम तेरा है 

                                                      

-रोशन कुमार "राहीं "


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Saturday, September 5, 2015

आरजू...



काश तुझे नींद थोड़ी देर से आती,
हर रात तुझसे मिलने की ख्वाहिश ,
मेरे बहुत से ख्यालों की अधूरी रह जाती है 

                                                काश वो शाम कुछ लम्हें और ठहर जाती                                                                                                                                   तेरी हथेली में कुछ और देर रहने  की ख्वाहिश 
मेरी हथेली की हर दफा अधूरी रह जाती है 

जब भी मिलता हूँ गले तुझसे 
ये वक़्त थमता क्यों नहीं  
हर बार गुफ्तगू कुछ धड़कनो की  
की अधूरी रह जाती है 

जब भी शुरू करता हूँ इश्क़ की बातें 
वक़्त गुजर जाता है और
बातें बस इकरार की
अधूरी रह जाती है

जब भी मुहब्बत से तेरी आँखों में देखता हूँ 
मुकद्दर कहता है मुझे देखकर 
बस इसीलिए तो जिंदगी कम पड़  जाती है 

तुझसे जैसे लोग मिलते है  तो 
घरौंदे बसते है 
वरना "राही" का क्या है 
वो चलते रहते है    
और जिंदगी गुजर जाती है 


-रोशन कुमार "राही"
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