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Tuesday, February 23, 2016

एहसास - एक राही का सफ़र


इक दिल हो जो मेरा हो
इक दर्द मुहब्बत जैसा हो
इक ख्वाब तुम्हारे जैसा हो 

दिल के आईने में यादों की बारिश हो 
हर आवाज तुम्हारी हो,
हर तस्वीर तुम्हारे जैसी हो

जब थामू मैं हाथ कोई, 
फिर से आँखे बंद करके
वो अहसास तुम्हारे जैसा हो
बस यूँ लगे कि क़ोई हो, 
तो तुम्हारे जैसा हो

जब "तेरे सामने होने सी"
दौलत दूर मुझसे जाये
नम शोहरत मेरी आँखों से 
ख्वाबों की तरह गिर जाये

और मेरा पागल दिल पैमानों में 
मुस्कराहट भर के इक गीत नया सा गाये
और हर लव्ज तुम्हारे जैसा हो 
हर बात तुम्हारे जैसी हो

और कलम लिखे मेरी
इक दिल हो, जो मेरा हो 
इक दर्द मुहब्बत जैसा हो 
इक ख्वाब तुम्हारे जैसा हो
इक हम-कदम तुम्हारे जैसा हो 
इक मंजिल तुम्हारे जैसी हो 

   -रोशन कुमार "राही"

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