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Sunday, September 27, 2015

मेरे अधूरें गीत

ये दुनियाँ  भी खूबसूरत होगी कभी 
मेरी आवाज भी तेरे पास से गुजरेगी कभी 

यूं तो हर तरफ रौशनी होगी 
उम्मीद है मेरी चाहत और तेरी आहट 
साथ-साथ  गुजरेगी कभी 
मुझे यकीन है मेरे इश्क़ की बात 
तेरे जद से होके गुजरेगी कभी 

एक दिन तू मेरी आँखों में देखेगी 
और मेरा दिल आइना बन जायेगा 
कभी तुझे मुझसे मुहब्बत हो जाएगी 
और मंजिल तक रास्ता तुझसे होकर जायेगा 

सोचता हूँ  कुछ खोएगा तो कुछ मिल जायेगा 
न जाने ऐसा क्या है पास मेरे 
जिसकी जगह खुदा तुझे रख जायेगा 

चाहत में लिखे मेरे हर गीत अधूरे है 
मुझे मालूम है तुझे भी मुहब्बत होगी 
और मेरे गीतों के अधूरेपन से तू भी 
गुजरेगी कभी 

एक दिन बस गुजर जाऊंगा 
एक राही की तरह , 
इस अधूरेपन के साथ 
फिर कोई ख्वाहिश मेरी 
तेरे बारे में फिर से पूछेगी  कभी। 


 -रोशन कुमार "राहीं "