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Tuesday, September 22, 2015

उसे उजालो की याद आती है

I hope you will excuse the size of poetry, i was high and had no control over ma pen, it kept moving, the actual poetry longer than this one. I just realize that a few shots of vodka and loud music which can penetrate the deepest darkness of your soul crates a nice environment to write poetry. In this poetry "ujale" means love, "The love"  one carries for someone. 


ढक्षिण  की एक दुनियाँ है 
जिसकी तन्हाई मुझे बुलाती है 
कोई पूछेगा तो बताऊँगा 
की मुझे एक रात याद आती है 
जहाँ  शाम की तन्हाई थिरकती है 
क्योंकि उसे उजालो की याद आती है 

एक सुर उसे कहीं दूर ले जाता है 
और जब भी उसे देखता हूँ मै 
तो उससे फिर से मुहब्बत हो जाती है 

यूं तो शाकी उसे ले जाती है उजालों तक 
न जाने कैसा असर है उसका मुझपर 
वो नाराज होती फिर भी 
मुहब्बत उसकी खातिर दिल में बढ़ती जाती है 

ये राही तो एक जलता परिंदा है 
जो इक दिन खाक में मिल जायेगा 
बस जब जीने की बात याद आती है 
उससे फिर से तुझसे मुहब्बत हो जाती है 

बस इक बार कहना चाहता हूँ उससे 
इश्क़ आँखों में भर कर 
दिल जलते है  तो उजाले खुद मिल जाते है 
हम वो खुदा तो नहीं जो
औरो की जिंदगियां बनाते है 
तू भी किसी की जिंदगी का उजाला है 
कोई है कहीं जिसकी जिंन्दगी
में जब भी कुछ होता है 
उसे तेरी याद आती है 
और जब भी उसे होश आता है 
उसे तुझसे मुहब्बत हो जाती है 

ना "पूछ" की राही ऐसा क्यों है 
वो जनता है की सब जलते है 
रौशनी की खातिर अंधेरों में 
"क्योंकि जब भी तेरी आवाज आती है 
उसे फिर से तुझसे मुहब्बत हो जाती है" 

तेरी जिंदगी बनने को जलती है मेरी तन्हाई 
अब न पूछना की तुझे क्यों पसंद करता हूँ 
क्योंकि जब भी तेरी बात आती है 
मुझे तुझसे मुहब्बत हो जाती है 

-

-रोशन कुमार "राहीं "