Follow by Email

Thursday, July 31, 2014

जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा तो नहीं

This piece of writing is penned by my cousin sister. She is a student of 12th class. Her name is Shivangi Shingh Yadav. She asked me if i can put it on my blog. so here it is little sister.



जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा  तो नहीं 
पर जो मिला मांगे ना मिलता 
जो लम्हे जिंदगी ने दियें भुलाये न भूलेंगे 
वो हमेशा साथ रहेंगे 

जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा  तो नहीं 
बिन मांगे बहुत  कुछ  मिल गया मुझे 
पर हमें क्या पता था ये सब पल भर के है 
जो जिंदगी ने कभी दिए थे मुझे 

जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा  तो नहीं 
कुछ ख्वाहिशें बिन मांगे ही पूरी कर ली 
क्या पता था की कुछ ख्वाहिशें सपने बनकर रह जाएँगी 
वो जो मैंने कभी चाहे थे 

जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा  तो नहीं 
तकलीफ इस बात की नहीं है,
तकलीफ इस बात से है की 
जो दिया वो छीन गया 
पर मै अब भी निराश नही 

जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा  तो नहीं 
जो मिला उससे खुश हूँ मै 
क्यों की मालूम है मुझे 
की हर किसी को मुक्कमल जहां नहीं मिलता 
पर इक तरह से देखूं तो मुझे वो भी मिल गया 

जिंदगी से मैंने कभी कुछ माँगा  तो नहीं 
बस अपनी ही अमानत खोते हुये देखा है 
कभी जिंदगी ने रहम न दिखाया मुझपर 
क्यों की जिंदगी से मैंने कुछ माँगा  तो नहीं 
                                -शिवांगी सिंह यादव